टोर क्या है, कैसे उपयोग में लेते है (What is TOR)

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आजकल इन्टरनेट सेफ नहीं है। कोई भी आपका डाटा ब्राउजर से लीक सकता है। इन्टरनेट पर खुद को छुपाये रखना कोई आसान काम नहीं है और टै्रकिंग से बचना तो नामुमकिन सा है। इन्टरनेट पर स्वयं को हाइड और सेफ रखना तो सभी चाहते है। प्राइवेसी के लिए कई लोग वीपीएन का उपयोग करते है। टोर भी एक प्रकार से वीपीएन का ही काम करता है और हमें सेफ ब्राउसिंग करने की आजादी प्रदान करता है। बहुत सारी वेबसाईट हमारी एक्टिविटीज को टै्रक करती है।

टोर क्या है

टोर एक पोप्युलर ब्राउजर है जो पूरी तरह से निःषुल्क और ऑपन सोर्स प्रोजेक्ट है। टोर का पूरा नाम द ऑनियन राऊटर (The Onion Router) है। जब हम इन्टरनेट पर कोई वेबसाइट ऑपन करने है को उस साइट के पास हमारी सारी जानकारी पहुंच जाती है। हम इसका उपयोग अपनी डिवाइस (जैसे – लेपटॉप, मोबाईल, पीसी) का आईपी एड्रेस को बदलने के लिए कर सकते है। टोर की मदद से हम अपनी ओरिजन आईपी को छिपा सकते है। जिससे की कोई हमें टै्रक नहीं सकता है।

हमने इसका उपयोग क्यू करना चाहिए –

टोर का उपयोग इन्टरनेट की दुनिया में खुद को anonymous रखने के लिए किया जाता है। इसकी मदद से हम ब्लॉक वेबसाइट को ऑपन कर सकते है, अपनी आईपी बदल सकते है, अपने डाटा को लीक होने से बचा सकते है। सबसे बड़ी बात यह है कि हम इसकी मदद से डार्क वेब को ऑपन कर सकते है। इसका सबसे ज्यादा उपयोग डार्क वेब ऑपन करने में किया जाता है। यह सभी ओएस के लिए उपलब्ध है।

कैसे इन्टल करें –

टोर की ऑफिसियल साइट से इसे डाउनलोड करें। डाउनलोड की गई फाइल पर डबल क्लिक करें। ओके पर क्लिक करें।

इंस्टाल करने के बाद डेस्कटॉप पर जाकर शोर्टकट आइकॉन पर डबल क्लिक कर ऑपन करे। ऑपन होने के बाद connect पर क्लिक करें। थोड़ी देर में अपनी सेटिंग पूरी करने के बाद ब्राउजर ऑपन होगा। अब सेफली ब्राउज करें।

काली लिनक्स व पेरोट ओएस में इंस्टाल करने के लिए टर्मिनल में टाईप करें।

sudo apt install tor

प्रोसेस पूरा होने के बाद टोर सर्विस स्टार्ट करें

sudo service tor start

अब एपलिकेशन में जाकर, यूजफूल ऐपलिकेशन में जाकर इन्टनेरट सेक्शन में टोर ब्राउजर पर क्लिक करें।
ऑपन होने के बाद Connect बटन पर क्लिक करें। प्रोसेस पूरा होने दें। टोर ब्राउजर ऑपन हो जायेगा।
– धन्यवाद

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